मुस्कुराना तो है
दिल कहे मत कहे मुस्कुराना तो है,
सुर सजे मत सजे गुनगुनाना तो है,
ज़िन्दगी इक तमाशा न बन जाए बस
घर मिले मत मिले घर को जाना तो है,
आईने पर अगर धूल जम भी गई,
अब हटे मत हटे पर हटाना तो है,
रात आई तो सब कुछ बिखरने लगा,
बस चले मत चले, घर बचाना तो है,
उर्मिला माधव
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