माइल नहीं हूँ मैं कहीं

आपकी फ़हरिस्त में शामिल नहीं हूँ मैं कहीं,
हां मगर इतना तो है हाइल नहीं हूँ मैं कहीं,

आपकी तहज़ीब से, वाबस्ता मैं हरगिज़ नहीं,
पर समझ लीजे मुझे जाहिल नहीं हूँ मैं कहीं,

आपकी रंगीनियां कितनी भी हों पुरज़ोर पर,
देखती सब कुछ हूं पर माइल नहीं हूँ मैं कहीं,
उर्मिला माधव

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