किसकी है

उसके घर में मेजबानी किसकी है,
आज ये फिर नई कहानी किसकी है,

मुझमें-उसमें तीसरे का काम क्या,
फैसला हो बे-ईमानी किसकी है?

बेकसी और मेरी तनहाई है बस,
अब बताये,नातवानी किसकी है?

अश्क़ से भीगे हुए आरिज़ मेरे,
इस क़दर ये,गुलफ़शानी किसकी है?

पहले ही तो ज़ख्म इतने दे दिए,
और दिल पै ये निशानी किसकी है?

उसका दावा ये के वो मेरा है बस,
हंस रही हूँ,लनतरानी किसकी है?

मेरा दिल तो बुझ् गया वो देखले,
उसकी ग़ज़लों में रवानी किसकी है?

मैं तो बरसों हिज़्र से हूँ रु-ब-रु,
प्यार में उसके,जवानी किसकी है?? 
#उर्मिलामाधव...
4.7.2015

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