इनकार को अदा कहिए

ये एक फिल्बदी के तहत है...
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उसके इनकार को अदा कहिये,
दौर-ए-मुश्किल में और क्या कहिये,

आगे नज़रों के जो भी आजाये,
बा-अदब उसको ना खुदा कहिये,

ज़िन्दगी जिस तरह भी चलती हो,
शुक्रिया उसको बा दुआ कहिये ,

धडकनें दिल की साथ उड़ लेंगी,
जश्न-ए-दौरां में बस हवा कहिये,

दिल पै कितना ही कुछ गुज़रता हो,
उसको हरगिज़ न बे-वफ़ा कहिये
उर्मिला माधव...
19.10 2014...

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