समझने की भूल करली

तुम्हें समझने की भूल कर ली,
तो अपनी दुन्या उसूल कर ली,

लगाई तोहमत जो तुम ने झूठी,
वो हमने झुक के क़ुबूल कर ली,

बहार-ए-सब्ज़ा जो हक़ थी अपना,
वो अपने हाथों से धूल कर ली,
उर्मिला माधव
20.6.2018

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge