डराती रहती है

गुज़री दुनियां सामने आती रहती है,
जाने क्या-क्या याद दिलाती रहती है,

ये सब देख के दिल घबरा के चुप है बस,
ग़म की ज़हमत रोज़ डराती रहती है
उर्मिला माधव

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge