न पूछ
चार दीवारी की तनहाई न पूछ
उम्र भर के ग़म की पैमाई न पूछ
एक वो है और केवल वो ही वो,
कब तू हो जाएगा शैदाई न पूछ..
उसका जलवा है नुमायां चार सू,
मेरे सच्चे रब की रानाई न पूछ.
जिसने बख़्शी है हमें दीदावरी,
क्या कहूँ बस उसकी दानाई न पूछ.
इश्क़ में दीवानगी ही शर्त है,
होजा होजा, इसमें रुसवाई न पूछ..
उर्मिला माधव
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