सफ़र है

ये कैसा सफ़र है इधर ना उधर है,
मगर इक सफ़र है
ये दुनियां ये दीवार, पत्थर की सीढ़ी,
यहीं इस जहां में मेरा एक घर है,
इधर का उधर है, ये कैसा सफ़र है
उर्मिला माधव

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