दुश्वार रहगुज़र में

दुश्वार रहगुज़र में हुआ राहबर, ख़ुदा,
जब जिस्म से थके तो हुआ डाक्टर, ख़ुदा,

तन्हाई में तड़पते हुए रो रहे थे जब,
मिलने की जुस्तजू में हुआ कारगर ख़ुदा
उर्मिला माधव

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