प्यार न करना पछताओगे

प्यार न करना पछताओगे,
क़दम-क़दम पे घबराओगे,

ये क्यूँ पहना, वो मत पहनो,
सुनते-सुनते थक जाओगे,

उसको घूर के देख रहे थे ?
लगता था के मर जाओगे!!

मैं तो जैसे बे मतलब हूँ,
जाओ, उसीके घर जाओगे ?

मेरे आगे झूठा ड्रामा ??
बात-बात पे डर जाओगे,

सच्चाई तो मुझे पता है,
झूठी कसमें कब खाओगे ?

अपनी ग़लती, छुप जाए सो,
बात-बात पर चिल्लाओगे,

क्या-क्या समझ में आया भैया?
प्यार अभी भी फ़रमाओगे ?
उर्मिला माधव,
7.9.2018

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge