ग़म करना

हमको आता कहाँ है ग़म करना,
अपनी वीरानियों को कम करना,

जो भी सीखा सो सिर्फ़ ये है बस,
आंख को आंसुओं से नम करना,

ये भी दुनियां का एक जलवा है,
अपनी गर्दन को कैसे ख़म करना,

ये भी इक ज़ाविया है दुनियां का
एक ही पल में मैं को हम करना
उर्मिला माधव

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