ye hamari zindgaani or hum
ये हमारी ज़िन्दगानी और हम,
उम्र भर ही नातवानी और हम,
हम अकेले और इतने !! हादिसे,
रोज़ इक बनती कहानी और हम,
वक़्त लाया बाम पर हम आगये,
उफ़ हमारी बे-ज़बानी और हम,
बे-अदब जुमले निशाने साध कर,
शोहदों की लनतरानी....और हम,
ये अजब से हादसे हर ग़ाम पर,
आँख जैसे पानी-पानी और हम,
उर्मिला माधव...
2.11 .2016
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