पहले भी नहीं थे
आप मेरे साथ पहले भी नहीं थे,
बाद इसके और रहने भी नहीं थे,
आपसे शिकवा भी आख़िर क्यों रहेगा,
जो हमारे ग़म थे कहने भी नहीं थे
आपके अपने मसाइल थे सो होंगे,
मेरे दिल में आप ठहरे भी नहीं थे।
इक असासा था हमारी ज़िन्दगी में,
और उसपे ख़ास पहरे भी नहीं थे।।
आपको हमसे रक़ाबत किसलिए है
हम कोई नहले पे दहले भी नहीं थे।।
उर्मिला माधव
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