सीना रहा फ़िगार

सीना रहा फ़िगार मेरा जिस्म तार-तार,
इस वक़्त ने सज़ाऐं मुझे दी हैं बार-बार..
उर्मिला माधव...
28.10.2016

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge