आईना हूं देख लो

ख़ुद ही सूरत,ख़ुद-ब-ख़ुद ही आईना हूँ देख लो,
ख़ुद ही चाहत ख़ुद-ब-ख़ुद मैं आशना हूँ देख लो,

पाक़-ओ-ताहिर दिल ये मेरा ग़ैर का तालिब नहीं,
ख़ुद रुबाई खुद-ब-ख़ुद हम्द-ओ-सना हूँ देख लो,

ख़ुद-ब-खुद दीवानगी हूँ,होश भी हूँ,ख़ुद-ब-खुद
ख़ुद तग़ाफ़ुल ख़ुद-ब-ख़ुद ही मैं अना हूँ देख लो,
#उर्मिलामाधव..
27.10.2015

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