आसान थे
देख लीजै हम बहुत आसान थे
आप ही तो बस हमारी जान थे,
आप के बदले इरादे देख कर,
हक़बकाए से बहुत हलकान थे,
बात का आख़िर हुआ लुब्बे लुवाब,
वो समझ बैठे के हम नादान थे,
हम भी अपनी ज़ात के यक़ता हैं बस,
ख़ास कुछ तेवर हमारी शान थे,
जिन हदों तक हम पहुंच सकते थे तब,
उन हदों से आप भी अनजान थे,
उर्मिला माधव
4.8.2019
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