ख़ुश नहीं हैं

आपको मालूम है, हम कुछ नहीं हैं,
आप में शामिल हुए पर ख़ुश नहीं हैं

देखते रहते हैं, ख़ुशियों को सहम कर,
हम समझते हैं ग़मों को, बुत 
नहीं हैं।

हमने ख़ुद को ख़ूब देखा है, अलग से,
हम बज़ाहिर ठीक हैं, साबुत नहीं हैं।।
उर्मिला माधव
2.7.2020

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