कैसे जुदा करते
तुम्हारी याद इस दिल से भला कैसे जुदा करते ??
तकाज़ा था मुहब्बत का बताओ और क्या करते ??
मुहब्बत में नहीं लाज़िम बहुत महदूद हो जाना
ज़रा इतना समझ लेते तो फिर ख़ुद राब्ता करते,
हम अपनी जान से करते,तुम्हारे प्यार का सदका,
कोई दम तुम यहाँ आकर फ़क़त वादा वफ़ा करते,
अगर हम मर भी जाते तो,ये आँखें मुन्तज़िर होतीं,
कहीं तुम चल के आ जाते,ऑ दामन से हवा करते,
न जाने क्या समझ कर ज़िन्दगी ने कर दिया तनहा,
अगर तुम साथ होते तो मुख़ालिफ़ भी दुआ करते,
उर्मिला माधव...
3.9.2013
Comments
Post a Comment