पास होना है

ग़म तिरे कितना पास होना है ?
हमको कितना उदास होना है ?

ये तआरुफ़ है ज़िंदगानी का?
उम्र भर ग़म शनास होना है ?

क्या बदलना है इन लिबासों का,
आख़िरश बे लिबास होना है,
उर्मिला माधव,
3.9.2018

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