पूछ तो ले
उफ़ शबे ग़म क्या बला है पूछ तो ले,
कौन कब कितना जला है, पूछ तो ले,
तेरे लफ़्ज़ों में हमेशा तंज़ ही क्यों,
कब से दिल में ग़म पला है पूछ तो ले
ख़ून छालों से रिसा ऑ चल रहा है,
किस तरह इतना चला है पूछ तो ले,
आह भर के भी महज़ ख़ामोश ही है,
ज़ीस्त उसकी क्यों ख़ला है पूछ तो ले,
क्या गमों से सिलसिला है पूछ तो ले,
उर्मिला माधव
9.2.2018
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