सीख गए

सदमे झेले, बेशुमार पर तनहा चलना सीख गए,
सूरज के अंदाज़ में हम भी सीधा ढलना सीख गए

दिल पर जब-जब ठेस लगी, दिल टूट गया और सहम गया,
पर ख़ामोशी से आरिज़ पर हम गिरया मलना सीख गए,
उर्मिला माधव

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