मिला नहीं है
लो तुमने ख़ुद ही तो कह दिया, है सफ़र अकेले भी ख़ूब मुमकिन,
तो फिर क्यूँ उससे शिकायतें हैं,जो तुमसे अब तक मिला नहीं है,
ज़माने भर को नसीहतें हैं,बस एक अपने जुनूँ की ख़ातिर ?
मगर ये पथ्थर तो मील का है जो आँधियों में हिला नहीं है..
उर्मिला माधव
29.3.2016
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