हज़ार होते हैं
दर्द दिल में .........हज़ार होते हैं,
हम ही को .......बार-बार होते हैं,
आँख जब-जब भी डबडबाती है,
दिलजलों में ........शुमार होते हैं..
तेरा मिलना भी ग़म का वाइस है,
हर नफ़स ........तार-तार होते हैं,
ख़ुद संभलते हैं,कुछ भी होता हो,
दोस्त .......कब ग़म गुसार होते हैं,
जब कभी .....ग़म शदीद होता है,
हम ही हम ........सोगवार होते हैं..
उर्मिला माधव,
15.3.2017
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