शैतान पंछी

एक बहुत शैतान पंछी डाल पर,
जाने कब आया,गया जाना नहीं,

जब उड़ाया हमने उसको डाल से,
जम गया आकर वहीं माना नहीं,

हंस गया वो ज़ोर से,कहने लगा,
आपसे माँगा है क्या खाना,नहीं,

आप शायद इसलिए अनजान हैं,
सुन सके शायद मेरा गाना,नहीं?

मैं यहाँ हूँ जब तलक है दिल मेरा,  
चल दिया तो मुड़ यहाँ आना नहीं,
उर्मिला माधव...
16.3.2014...

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