नूर ए हिन्दुतान हुई

ग़ैर मुल्क में चर्चे इसके ....नूर-ए-हिन्दुस्तान हुई,
लाशों के अंबार पै बैठी ....दिल्ली क़ब्रिस्तान हुई,
लाल किले की दीवारों से ..परचम भी लहराता है,
किसे ख़बर है,इसके पीछे,किसकी जां क़ुर्बान हुई...
उर्मिला माधव 
7.2.2015..

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