बड़े हैं तो

आप ओहदे में कुछ बड़े हैं तो ?
ख़ास मंज़िल पे ही खड़े हैं तो?

गोया तकदीर के सिकंदर हों,
पर भी सुरख़ाब के जड़े हैं तो ?

हम न माने हैं,और न मानेंगे,
अब अगर जिद पै ही अड़े हैं तो ?

इसमें औक़ात किसकी जाती है,
दर-ए-सुल्तान पर, पड़े हैं तो,
उर्मिला माधव
28.1.2015....

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