आसपास रहे

वो जब तलक भी रहा उसके आसपास रहे,
वो जब चला ही गया उम्र भर उदास रहे,

वो क्या समझता हमें उसकी क्यूं ज़रूरत थी,
बस एक वो ही न था, कितने ग़म शनास रहे,

बताते कैसे उसे, दिल पे क्या गुज़रती रही,
हम उसकी याद में किस दर्ज़ा बदहवास रहे,
उर्मिला माधव

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