उसीके हो गए

जब किया रब ने इशारा सो गये,
उठ गए तो फिर उसी के हो गए,

उसकी रहमत और हमारी ज़िंदगी,
मुब्तिला इतने हुए बस खो गए

उसकी जानिब से हुआ रौशन चराग़,
जो जहां थे सर ब सजदा हो गए...
उर्मिला माधव

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