धुआं

धुंआ,क्रेमेटोरियम से उठता हुआ,
बहुत शोर आग की लपटों का,
शादी,बगल के घर में,
यानि ख़ाना आबादी,
बहुत शादमा हर कोई
बजते हुए ढोल ताशे,
नाचते हुए लोग,
सच क्या है,दोनों में से?
क्या श्मशान ?
तो ये शादी यानि ख़ुशी
किस बात की ?
एक तरफ़ डिस्कोथेक का हंगामा
कहाँ जाना सही है?
क्या करना सही है😟
ज़मीन,मकान, दुकान,
हड़पने के लिए,धोख़े बाज़ी
करने वाले लोग,
क्रेमेटोरियम के मानी नहीं जानते क्या ?
कभी नहीं जाना है इनको क्या?
उफ़ ये धुंआ,
कितनी घबराहट हो रही है,
अपनी मौत के डर से नहीं,
मर जाने वाले के घर वालों के लिए,
कोई तो अकेला ज़रूर हुआ होगा ,
उसके बग़ैर,
कितने मुक़ाबले करने होंगे?
बाद उसके,
किस-किससे करने होंगे?
जद्दोज़हद,
छोटी से छोटी चीज़ के लिए,
रिश्तेदारों की शक्ल में,
दुश्मनों से मुकाबला,
मजबूरियां,
हंस के बोलने की,
हार,तस्वीर के लिए,
मार,ज़िन्दाओं के लिए...
फटकार,ज़िन्दाओं के लिए
व्यभिचार,ज़िन्दाओं के साथ,
अंतर्दृष्टि नहीं,
दृष्टि नहीं, तो दृष्टिकोण
कहाँ से हो ,
सब कुछ,
क्रेमेटोरियम के धुएं में घुटता हुआ सा...
उर्मिला माधव...
20.11.2015..

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