तो मुश्किल
समझ आया तो येआया,
मुहब्बत एक मुश्किल है
नहीं होजाए तो मुश्किल,
कहीं होजाए तो मुश्किल,
निकल तो आये हैं घर से,
कि हम करलें..मुलाकातें,
कहीं हो जाए तो मुश्किल,
नहीं हो जाए तो मुश्किल,
यही बस एक मुश्किल है,
मुहब्बत..कैसे ज़ाहिर हो,
कहीं होजाए तो मुश्किल,
नहीं होजाए तो मुश्किल.
उर्मिला माधव ...
२३.११.२०१३..
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