अंगिका में एक कोशिश

अंगिका में एक कोशिश 😊

तहिया कत्ते पिरितिया में कानत रहय
बतिया एको न केहू कै मानत रहय,

कुच्छो होबय न वाला छय पछताला से,
की नतीजा छय ऊ की न जानत रहय ?

जहिया कहलौं न सुन लय ऊ एकऊ घड़ी,
अब करेजा कै कतबो हू खानत रहय,
उर्मिला माधव,
2.11.2017

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