आने दो

आने दो,वक़्त-ए-शाम आने दो,
जो भी हैं,ताम-झाम आने दो,

बेसबब सर पे हाथ क्या रख्खें,
पहले घर तक सलाम आने दो,

कौन बचता है, डगमगाने से,
उनकी आंखों के जाम आने दो,

अपने हाथों से क़ब्र खोदेंगे,
ज़िन्दगी पहले काम आने दो,

वो भी चेहरे पे हाथ रख लेगा,
मेरा महफ़िल में नाम आने दो,
उर्मिला माधव,
28.10.2018

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