कह दिया उसको

कटी कोई दार पै गरदन मुक़द्दर कह दिया उसको,
ज़ुबां खोले अगर कोई तो बदतर कह दिया उसको,

हुआ क्या है अदीबों को हक़ीक़त क्यों नहीं कहते,
कोई गद्दी नशीं देखा ,सिकंदर कह दिया उसको

मुलाज़िम है,कोई जाहिल,अगर ऊंचे महकमे का
अना दिल में दबा ली ऑ , कलंदर कह दिया उसको,
उर्मिला माधव,
22.10.2017

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge