अंग्रेज़ियत से

क्यों मुतास्सिर आप हैं अंग्रेज़ियत से,
कब तलक चलते रहेंगे इस नियत से,

बेशक़ीमत हैं .........ज़ुबाँ, हिंदी ऑ उर्दू 
किस लिए बचते हैं इनकी अहमियत से,
उर्मिला माधव

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