कुर्सी वाले बाबूजी
चमत्कार को नमस्कार है,कुर्सी वाले बाबूजी
राव रंग सब निर्विकार है,कुर्सी वाले बाबूजी
रंजू वंजू रीता गीता रोज नाचतीं आँगन में
मद्यपान है और बहार है,कुर्सी वाले बाबूजी
राग भैरवी गाएंगे तो सुबह शाम से क्या लेना
अपने हाथों जीत हार है,कुर्सी वाले बाबूजी...
#उर्मिलामाधव
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