वक़्त होना चाहिए
चोट खाने के लिए दिल सख्त होना चाहिए,
ख़ुद संभलने के लिए कुछ वक़्त होना चाहिए,
बात ग़र कहनी रहे तो हौसला रख्खें ज़रूर,
हक़ बुलंदी के लिए बस ख़ब्त होना चाहिए,
एक दिन का काम तो ये है नहीं सुनिए जनाब,
इस हुनर में बा-अदब बा रफ्त होना चाहिए,
चाल अपनी,ढंग अपना,रंग भी अपना रखें,
बद-गुमानी नईं रखें,ये ज़ब्त होना चाहिए,
चाहे अनचाहे हज़ारों लानतें मिल जायेंगी,
दह्र की नज़रों में बस कमबख्त़ होना चाहिए,
उर्मिला माधव...
22.8.2014...
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