फ्री वर्स

तुम कितने अलग हो ना ?
बिछड़ जाते हो कितनी आसानी से...
और मैं देखती रह जाती हूँ तुमको हैरानी से,
मैंने पसीने की बूंदों के साथ,
तुमको भी पोंछ दिया पेशानी से,
ये बूंदें बहुत परेशान करती हैं मुझे,
मुझको उलझन है ऐसी नादानी से,
तुमको यादों में अब नहीं रखना,
लो सुनो झूठ बोल दिया,मैंने,
अब मैं जीत जाउंगी बेईमानी से,
तुमको मालूम है मैं झूठ नहीं बोलती,
दूर तुम हो जाओ इस कहानी से,
मैंने सीने पे तो पथ्थर रख लिया है,
फैसला मुश्किल था,फ़िर भी ले लिया है..
#उर्मिलामाधव...
31.7.2015...

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