बुंदेली

ऐसे ही एक कोशिश 😊😊😊😊😊

जे कैसौ बतरानौ भओ,
समझे नईयाँ?तानौ भओ,

बो जो चित्र लगायौ तुमने,
बाखौं एक जमानौ भओ,

बो तौ हती धरोहर तौ फिर,
महफिल में चों लानौ भओ ?
उर्मिला माधव..
1.8.2016

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