आदिल हो गए
हम अकेले कितने क़ाबिल हो गए !!
इतने सारे ग़म जो हासिल हो गए !!
वक़्त किसको था के देखें और सुनें,
सब के सब आके,मुक़ाबिल हो गए,
बा-अदब कुदरत ने भी की दुश्मनी,
हादसे हर चन्द शामिल हो गए,
सामने लश्कर में आये लोग सब,
हर तरह से हम ही बातिल हो गए,
बोलना हमने कभी जाना नहीं,
सो ब-खुद ही अपने क़ातिल हो गए,
मुश्किलों में जो न थे शामिल कभी,
बस दुआ देकर ही आदिल हो गए ....
उर्मिला माधव...
8.9.2015
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