गंदी है
खड़े हो भीड़ में जाकर,तुम्हारी क्या बुलंदी है ?
जो ये ख़ैमों की दुनियां है,हज़ारों ढंग से गन्दी है,
यहाँ ख़ालिस मुलम्मेदार हैं,आक़ाओं के चेहरे,
हिफाज़त इक बहाना है,असल ये नाक़ाबन्दी है,
उर्मिला माधव,
23.6.2016
खड़े हो भीड़ में जाकर,तुम्हारी क्या बुलंदी है ?
जो ये ख़ैमों की दुनियां है,हज़ारों ढंग से गन्दी है,
यहाँ ख़ालिस मुलम्मेदार हैं,आक़ाओं के चेहरे,
हिफाज़त इक बहाना है,असल ये नाक़ाबन्दी है,
उर्मिला माधव,
23.6.2016
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