जाम तो दो

अपने हाथों से मुहब्बत का कोई जाम तो दो,
मेरे अहसास की दुनियां को कोई नाम तो दो,

तुमको सीखा ही नहीं दिल से मुहब्बत करना,
बहते आरिज़ पै मेरे अश्क़ कहीं थाम तो दो
उर्मिला माधव

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