तरक़ीब तो है
ख़्वाब आते हैं?बात ठीक तो है,
दिल लगाने को इक तरक़ीब तो है,
दर्द ही दर्द है मुहब्बत में,
ग़म नहीं दिलके कुछ क़रीब तो है,
सुन तेरा नाम कोई लेता है,
कम से कम इतना भी नसीब तो है.....
उर्मिला माधव..
19.5.2013
ख़्वाब आते हैं?बात ठीक तो है,
दिल लगाने को इक तरक़ीब तो है,
दर्द ही दर्द है मुहब्बत में,
ग़म नहीं दिलके कुछ क़रीब तो है,
सुन तेरा नाम कोई लेता है,
कम से कम इतना भी नसीब तो है.....
उर्मिला माधव..
19.5.2013
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