आ गए घर
जब कहा उसने कि 'जा मर,
ये सुना और दिल गया भर,
नईं बचा रस्ता कोई तब,
लौट के बस आ गए घर,
टिक गए कोने में जाकर,
बे-हया दिल,अश्क़ लेकर,
हट गयी उसकी तवज्जो,
अब बचा बस एक ही दर,
वो ही दर जो सबका दर है,
सबको है मालूम वो घर...
उर्मिला माधव ...
27.4.2014...
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