सागर पार तुझको

सुन हवा चलते हुए जाना है सागर पार तुझको
बस उसी खुश्बू में मिल जायेगा मेरा प्यार तुझको

पूछना उनसे कभी कोई याद भी आता है उनको,
क्या कोई दिल की छुपी रूदाद दिखलाता है उनको,

और वहां बारिश का मौसम भी कभी आता तो होगा,
जाने अनजाने सही पर दिल को धड़काता  तो होगा,

बिजलियाँ घर की मुंडेरों पर अगर चमकीं कभी जब,
क्या उन्हें मालूम है के कोई डरता है कहीं तब ?

ये अजब इक दास्ताँ है तुझको बतलाती हूँ सुन ले,
ये तो क़ुदरत का करिश्मा है जिसे चाहे वो चुन ले,
#उर्मिलामाधव...
30.4.2015..

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