अंतहीन आकाश--फ्री वर्स
अंतहीन आकाश,
ऊँचाई नापता हुआ जीवन,
साँसें तौलता हुआ जीवन,
घर से निकलते हुए,
भीड़ में चलते हुए,
हर तरह सँभलते हुए,
ठोकरों,टक्करों, से सामना,
बिना किसी कारण,
धिक्करित होते हुए,
विस्मित होते हुए,
नींद मेँ चलता हुआ सा जीवन,
निर्लेप होते हुए भी,
सब सुनते,देखते हुए,समझते हुए भी,
इच्छा रहित, त्याग सहित,
आकांक्षा रहित,
एकदम शांत जीवन,
संसार के आंकड़े,
जैसे मकड़ियों के जाल,
बचाव असंभव,
फिर भी कम से कम
एक बार ही सही,
सत्य क्या है,जान तो लो,
पूछ तो लो,तथा कथित धावक से,
संभवतः ये धावक ही न हो
किसी भी दौड़ में ही न हो,
केवल मार्ग ही चलता हो,
आवश्यक नहीं..
आंकड़े सदैव सही ही हों,
आकांक्षाएं,अंत हीन,
जीवन सीमित,
अंतहीन आकाश,
और उसमें विलय
प्रलाप,संसार का,
और सब शांत..
उर्मिला माधव,
28.1.2017
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