तमाम रात

बाँहों में उनकी आये तो आँखों में खो गए,
शाने पे सर को रख के..बिताई तमाम रात...

फिर होश ही किसे था,कहाँ रात कट गई,
उनकी जुदाई उनको.....सुनाई,तमाम रात,
उर्मिला माधव.
15.1.2017

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