आओगे

वक़्त को तुम क्या अदा दिखलाओगे?
हम न कहते थे???बहुत पछताओगे...

आख़िरश कब तक रहेगा रंग-ओ-बू,
एक दिन तो .....सादगी पर आओगे....
उर्मिला माधव
30.1.2015...

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