कम ही सही ---छोटी नज़्म
दिल में सब्र-ओ-क़रार ..कम ही सही,
जज़्बा-ए-इख़्तियार ......कम ही सही,
उस पे दामन में तार .....कम ही सही,
गुल-ओ-चमन-ओ-बहार कम ही सही
शुक्र है फ़िक्र तेरे बिन तो हूँ,
ख़ूब है ख़ुद से मुत्मइन तो हूँ...
उर्मिला माधव...
27.12.2016
दिल में सब्र-ओ-क़रार ..कम ही सही,
जज़्बा-ए-इख़्तियार ......कम ही सही,
उस पे दामन में तार .....कम ही सही,
गुल-ओ-चमन-ओ-बहार कम ही सही
शुक्र है फ़िक्र तेरे बिन तो हूँ,
ख़ूब है ख़ुद से मुत्मइन तो हूँ...
उर्मिला माधव...
27.12.2016
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