हम क्या करें
दुश्मनी का तज़किरा हम क्या करें,
बढ़ चुका ये मसअला, कम क्या करें,
जो हुआ है वो ही तो होना था बस,
इसके ऊपर अब भला ग़म क्या करें,
गम की दुनियां और ये रंग-ए-मौसिक़ी,
उड़ना है तो हौसला कम क्या करें,
उर्मिला माधव
दुश्मनी का तज़किरा हम क्या करें,
बढ़ चुका ये मसअला, कम क्या करें,
जो हुआ है वो ही तो होना था बस,
इसके ऊपर अब भला ग़म क्या करें,
गम की दुनियां और ये रंग-ए-मौसिक़ी,
उड़ना है तो हौसला कम क्या करें,
उर्मिला माधव
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