ग़ज़ब था

उठाके उसने कमाने अबरू.....वो तीर साधा के बस ग़ज़ब था,
जो दिल मुहब्बत में मुब्तिला था,संभलना होगा ये होश कब था,
#उर्मिलामाधव...
18.5.2015

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